माननीय श्री अटल बिहारी वाजपेयीजी

वे देश के 10वें प्रधानमंत्री थे और उन्होंने तीन बार इस पद पर काम किया। अटलजी हिन्दी कवि, पत्रकार व एक प्रखर वक्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में एक थे और 1968 से 1973 तक पार्टी के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने लम्बे समय तक राष्‍ट्रधर्म, पांचजन्य और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत पत्र-पत्रिकाओं का संपादन भी किया। वे चार दशकों तक भारतीय संसद के सदस्य रहे। दस बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा में चुने गए। उन्होंने लखनऊ के संसद सदस्य के रूप में कार्य किया। उन्होंने अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में शुरू किया आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया। आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेने के कारण इन्हे भीष्म पितामह भी कहा जाता है।

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