पूजनीय श्री सरदार वल्लभभाई पटेल

वे अपने सशक्त इरादों के कारण ‘लौह पुरुष’ के नाम से लोकप्रिय थे। वे एक राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। वे एक अधिवक्ता होने के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और भारतीय गणराज्य के संस्थापक थे। उन्होंने स्वतंत्रता संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाई और एक एकीकृत, स्वतंत्र राष्ट्र में अपने एकीकरण का मार्गदर्शन किया। स्वतन्त्रता आंदोलन में सरदार वल्लभभाई पटेल का सबसे पहला और बड़ा योगदान 1918 में खेडा संघर्ष था। गुजरात का खेडा खंड उन दिनों सूखे की चपेट में था। किसानों ने अंग्रेज सरकार से कर में छूट देने की मांग की। जब इसे स्वीकार नहीं किया गया तो सरदार पटेल, गांधीजी एवं अन्य लोगों ने किसानों का नेतृत्व किया और उन्हें कर न देने के लिए प्रेरित किया। अंततः अंग्रेज सरकारको झुकना पड़ा और करों में राहत दी गई।

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